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11:15 AM

सफलता और शांति के लिए ऐसे करें जप

हर आदमी को जीवन में दो चीजों की जरूरत होती है, पहली सफलता और दूसरी शांति। हर कोई जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता चाहता है, परिवार, पढ़ाई, नौकरी, प्रेम और व्यवसाय। इसके लिए हम जिंदगीभर तरह-तरह के प्रयोग भी करते हैं और उनसे जूझते भी हैं, कई लोगों को सफलता भी मिल जाती है लेकिन शांति नहीं मिलती।

सफलता के साथ शांति भी चाहिए तो हमें थोड़ा आध्यात्मिक होना पड़ेगा। धर्म के जरिए छोटे-छोटे से प्रयोगों से हमें बड़ी सफलताएं भी मिलेंगी और सफलता शांतिभरी भी होगी। जप एक ऐसा ही प्रयोग है। जप अगर सही विधि से किया जाए तो इससे सफलता को ज्यादा अच्छे से हासिल किया जा सकता है। लोग जप के नाम पर केवल माला फेरते हैं और समझते हैं कि जप हो गया। जप करने की पूरी एक विधि और कुछ नियम होते हैं।

अगर इनके जरिए जप किए जाएं तो फिर कभी असफलता हाथ नहीं लगेगी।
- जप के लिए दो तरीके हैं या तो आप अपनी राशि के अनुसार बताए गए भगवान का जप करें या फिर जिस भगवान में आपकी आस्था हो उसका जप करें।
- जप के लिए सुबह सूर्योदय से पहले जागें, स्नान करने के बाद सबसे पहले सूर्य और तुलसी को अघ्र्य दें।
- जप के लिए ऐसे साफ कपड़े पहने, यह ध्यान रखें कि वे सिर्फ जप के समय ही पहने जाएं।
- एकांत में बैठकर सुगंधित अगरबत्ती जला लें और पहले दो मिनट तक ऊँ का उच्चारण करें।
- जब आपको लगे कि आपकी एकाग्रता बन चुकी है तो जप शुरू करें।
- कोई नियम न बनाएं कि कितनी माला करनी है, जब तक आपकी एकाग्रता बनी रहे, तब तक जप करते रहें।
- जप के बाद ध्यान रखें दिन में जब भी थोड़ा खाली समय मिले उस मंत्र को मन ही मन दोहराते रहें।
ऐसे जप करेंगे तो आपको काम में ज्यादा सफलता मिलेगी ही कभी परेशानी भी नहीं आएगी।

2:28 AM

हंसने का अंदाज भी खोलता है राज

कहते हैं कि हंसी वो हथियार है जिससे आप एक पल में ही किसी को अपना दोस्त या दुश्मन बना सकते हैं। कभी-कभी किसी की एक हंसी आपको उसका दीवाना बना जाती है तो दूसरे व्यक्ति की हंसी आपको उसका दुश्मन बना देती हैं फर्क होता है तो सिर्फ मौके का, पर आपने कभी ये सोचा है कि हंसने के तरीके से भी आप किसी के व्यक्तित्व के बारे में बहुत सी बातें जान सकते हैं। हां जान सकते हैं, ये हम नहीं कहते हैं ये तो ज्योतिष विज्ञान कहता है कि आप किसी व्यक्ति के हंसने के तरीके से भी उसके स्वभाव को जान सकते हैं।
- हंसते समय जिन लोगों के दांत बाहर नहीं आते हैं वे लोग अच्छे स्वभाव के होते है और विश्वास योग्य होते हैं।
-जो लोग हंसते समय सिर व कंधा हिलाते हैं वे भोगी, लालची व विश्वास करने लायक नहीं होते हैं।
- जिस व्यक्ति के हंसते समय गाल में गड्ढें पड़ते हैं। वे बुध्दिमान, अधिक बोलने वाले और अपनी बातों से दूसरों को प्रभावित करने वाले होते हैं ।
- जो लोग हंसते समय ज्यादा खिलखिलाते हैं व ज्यादा हिलते हैं, उनमे आत्मविश्वास की कमी होती है व रसिक मिजाज होते हैं।
- जिन लोगों के दांत हंसते समय ना दिखाई पड़े वे सौभाग्यशाली होते हैं ।
- जिसका चेहरा हमेशा हंसता हुआ सा दिखाई देता हैं वे जीवन मे लगातार उन्नति करने वाले होते हैं ।
- आंखे मूंदकर हंसने वाले व्यक्ति अच्छे नहीं होते हैं, ये परम्पराओं मे अधिक विश्वास नहीं रखने वालो में से होते हैं।

2:06 AM

वास्तु दोष: ये उपाय करें





घर का वास्तु हमारे जीवन पर व्यापक असर डालता है। वास्तु में की गई छोटी-छोटी गलतियों के कारण कई बार गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। कुछ सामान्य वास्तु नियमों का पालन कर हम वास्तु दोष से होने वाली दुष्प्रभाव से बच सकते हैं। इसके लिए इन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है-
1- जब भी पानी पीएं, अपना मुख उत्तर-पूर्व की ओर रखें।
2- भोजन करते समय थाली दक्षिण-पूर्व की ओर रखें और पूर्वाभिमुख होकर भोजन करें।
3- सोते समय दक्षिण-पश्चिम कोण में दक्षिण की ओर सिरहाना करके सोएं।
4- पूजा करते समय मुख उत्तर-पूर्व या उत्तर-पश्चिम की ओर करके बैठें।
5- उन्नति के लिए लक्ष्मी, गणेश, कुबेर, स्वास्तिक, ऊं आदि मांगलिक चिह्न मुख्यद्वार के ऊपर स्थापित करें।
6- यदि ट्यूबवैल उत्तर-पूर्व में नहीं है तो अवश्य लगवाएं।
7- पूजा स्थल सदैव उत्तर-पूर्व (ईशान) कोण में रखें।

2:02 AM

बुद्धिमान संतान देता है ईशान मुखी भवन


 ईशान(उत्तर-पूर्व)दिशा के स्वामी भगवान रुद्र (शिव) तथा प्रतिनिधि ग्रह बृहस्पति हैं। भूखण्ड के ईशान दिशा में मार्ग हो तो भवन ईशानमुखी अर्थात ईशान्यभिमुख होता है। इस प्रकार का भूखण्ड बुद्धिमान संतान तथा शुभ फल देने वाला होता है। ईशान मुखी भूखण्ड पर निर्माण करते समय निम्न वास्तु सिद्धांतों का पालन करना चाहिए-
1- ईशानमुखी भूखण्ड ऐश्वर्य लाभ, वंश वृद्धि, बुद्धिमान संतान व शुभ फल देने वाला है। ऐसे भूखण्ड पर निर्माण करते समय ध्यान रखें कि ईशान कोण कटा व ढका हुआ न हो। प्रयास करें कि प्रत्येक कक्ष में ईशान कोण न घटे।
2- ईशानमुखी भवन में ईशान कोण सदैव नीचा रहना चाहिए। ऐसा करने से सुख-सम्पन्नता व ऐश्वर्य लाभ होगा।
3- ईशान कोण बंद न करें न कोई भारी वस्तु रखें। ईशान मुखी भूखण्ड में आगे का भाग खाली रखें तो शुभ रहेगा।
4- भवन के चारों ओर की दीवार बनाएं तो ईशान दिशा या पूर्व, उत्तर की ओर ऊंची न रखें।
5- ईशान के हिस्से को साफ रखें, यहां कूड़ा-कचरा, गंदगी आदि न डालें। झाड़ू भी न रखें।
6- ईशान मुखी भूखण्ड के सम्मुख नदी, नाला, तालाब, नहर तथा कुआं होना सुख, सम्पत्ति का प्रतीक है।
7- ईशान कोण में रसोई घर न रखें वरना घर में अशांति, कलह व धन हानि होने की संभावना रहती है।
8- घर का जल ईशान दिशा से बाहर निकालें। फर्श का ढलाव भी ईशान कोण की ओर रखें। 

1:56 AM

वास्तु: सुख-समृद्धि के अचूक उपाय

यूं तो पूर्णत: वास्तु सम्मत भवन बनाना काफी कठिन होता है। भवन बनवाते समय कहीं न कहीं त्रुटि हो ही जाती है। इन समस्याओं का समाधान सामान्य उपाय कर किया जा सकता है जिससे घर में भी सुख-शांति बनी रहती है। यह सामान्य उपाय इस प्रकार हैं-
1- सुख-समृद्धि व मन की प्रसन्नता के लिए बैठक कक्ष में फूलों का गुलदस्ता रखें। शयनकक्ष में खिड़की के पास भी गुलदस्ता रखना चाहिए।
2- घर में कभी भी कंटीली झाडिय़ां या पौधे न रखें। इन्हें लगाने से समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
3- ऐसे पुष्प या पौधे को सजावट में न ले जिससे दूध झरता हो। शुभता की दृष्टि से ये अशुभ होते हैं।
4- शयनकक्ष में झूठे बर्तन नहीं रखना चाहिए। आलस्य के कारण ऐसा करने पर रोग व दरिद्रता आती है।
5- रात में बुरे सपने आते हों तो जल से भरा तांबे का बर्तन सिरहाने रखकर सोएं।
6- यदि गृहस्थ जीवन में समस्याएं हों तो कमरे में शुद्ध घी का दीपक प्रतिदिन जलाना चाहिए।
7- यदि शत्रु पक्ष से पीडि़त हो तो पलंग के नीचे लोहे का दण्ड रखें।
8- पवित्र स्थान या पूजा स्थल ईशान कोण(पूर्व-उत्तर) में ही बनवाएं। इससे घर में सुख-समृद्धि आएगी।
9- टी.वी. या अन्य अग्नि संबंधी उपकरण सदैव आग्नेय कोण में रखें।
10- शयन कक्ष में नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करें। ऐसा करने से घर में क्लेश होता है। 

7:44 AM

राशि-मंत्र से खुलेंगे बंद दरवाजे


दुनिया के हर इंसान की प्रकृति अलग-अलग होती है। जो बात किसी एक व्यक्ति पर लागू होती है वह किसी दूसरे पर लागू हो यह आवश्यक नहीं। ज्योतिष में ऐसी निश्चित मान्यता है कि राशि के लिये मंत्र का जप करने से उस राशि पर पडऩे वाले बुरे प्रभावों पर तत्काल रोक लग जाती है। ग्रहों के बुरे प्रभाव तो रुकते ही हैं साथ ही सुख-सौभाग्य व सम्पत्ति की प्राप्ति होती है। शुभ प्रभाव बढ़ाने, धन-संपदा व सुख प्रदान करने में ये मंत्र अत्यन्त प्रभावी माने जाते हैं। अत: जातक को अपनी राशि से संबंध रखने वाले मंत्र का जाप करने से निश्चय ही लाभ होता है।

किसी भी कार्य के लिये घर से निकलने से पूर्व, अपनी राशि के अनुसार मंत्र का २१-बार जप करने के बाद ही घर से निकलें। मंत्र के प्रभाव से कार्य में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी तथा सफलता के योग बनेंगे। नाम राशि जानने के लिये अपने नाम के प्रथम अक्षर से राशि देखना चाहिए- 



राशि                नाम का प्रथम अक्षर                            परफेक्ट-मंत्र

मेष                 चू चे चो ला ली लू ले लो अ.....?                  ऐं क्लीं सो:
वृषभ                इ उ ए ओ वा वी वू वे वो......?                    ऐं क्लीं श्रीं
मिथुन              का की कू घ ङ छ के को.....?                     क्लीं ऐं सो:
कर्क                 ही हू हे हो डा डी डू डे डो......?                    ऐं क्लीं श्रीं
सिंह.               मा मी मू मे मो टा टी टू टे.......?                 ह्रीं श्रीं सो:
कन्या             टो पा पी पू ष ण ठ पे पो.......?                    क्लीं ऐं सो:
तुला                रा री रू रे रो ता ती तू ते......?                    ऐं क्लीं श्रीं
वृश्चिक             तो ना नी नू ने नो या यी यू......?                 ऐं क्लीं सो:
धनु                  ये यो भा भी भू धा फा ढा भे......?               ह्रीं क्लीं सो:
मकर              भो जा जी खी खू खे खो गा ग.......?             ऐं क्लीं श्रीं
कुंभ                गू गे गो सा सी सू से सौ दा......?                  ऐं क्लीं श्रीं
मीन                दी दू थ झ ञ दे दो चा ची.......?                  ह्रीं क्लीं सो:

7:39 AM

मौत कब आएगी? शरीर खुद बताएगा...



संसार का सबसे बड़ा सच मौत है। जो पैदा हुआ है उसे एक न एक दिन मरना ही है। सभी मौत से डरते हैं। हर किसी की यह इच्छा होती है कि उसे उसकी भावी मौत की सूचना प्राप्त हो जाए। कई बार हमारे शरीर के अंग भी मौत की पूर्व सूचना दे देते हैं। हमारे शास्त्र भी इसका प्रमाण देते हैं।
1. यदि अचानक शरीर सब ओर से सफेद या पीला पड़ जाए और ऊपर से कुछ लाल दिखे तो उस मनुष्य की मौत छह महीने में ही हो जाती है।
2. जब आंखें सूर्य चंद्रमा या अग्रि का प्रकाश देखना बंद कर दें या उन्हें सब कुछ काला ही दिखे तो भी मनुष्य सिर्फ छह महीने ही जीवित रहता है।
3. जब शरीर के सभी अंगों में अंगड़ाई आने लगे या तालु सूख जाए तब मनुष्य एक महीने ही जीवित रहता है।
4. त्रिदोष में जिसकी नाक बहने लगे उसका जीवन पंद्रह दिन से अधिक नहीं रहता।
5. जब मनुष्य अपनी छाया को सिर रहित या अपने आपको ही छाया रहित पाए तो वह एक महीने भी जीवित नहीं रहता।
6. जिसकी जीभ फूल जाए या दांतों से मवाद निकलने लगे तो उसकी भी छह महीने के भीतर ही मौत हो जाती है।



मौत की भविष्यवाणी भी करते हैं सपनें


मौत ऐसी सच्चाई है जिसके बारे में सभी जानते हैं लेकिन फिर भी उससे अनभिज्ञ बने रहते हैं। भविष्य में घटने वाली शुभ-अशुभ घटनाओं के तरह सपने मौत की भविष्यवाणी भी करते हैं। आवश्यकता है उनका आशय समझने की। स्वप्न ज्योतिष में ऐसे स्वप्नों की जानकारी दी गई है।
1- जो व्यक्ति स्वप्न में स्वयं को शमशान अथवा पर्वत के शिखर पर बैठकर मदिरापान करता देखता है वह शीघ्र ही मृत्यु को प्राप्त होता है।
2- स्वप्न में जो स्वयं को स्याही अथवा तेल शरीर पर लगाकर गधे की सवारी करता देखता है, उसकी निश्चित रूप से मृत्यु हो जाती है।
3- जो व्यक्ति लगातार भयानक सपने देखता है, उसके प्राण एक वर्ष के भीतर यमराज हर कर ले जाते हैं।
4- यदि कोई स्त्री स्वप्न में स्वयं के सफेद बाल देखती है तो उसका पति से विछोह हो जाता है या उसके पति की मृत्यु हो जाती है।
5- यदि स्वप्न में आप स्वयं को यात्रा पर जाे हुए देंखे तो यात्रा टाल दें क्योंकि यात्रा में आपकी मृत्यु हो सकती है।
6- यदि सपने में शरीर का कोई अंग कटा हुआ देंखे तो निकट भविष्य में किसी परिजन की मृत्यु अवश्यासंभी है।
7- जो व्यक्ति स्वप्न में स्वयं को हंसता या नाचता हुआ देखता है उसकी हत्या हो जाती है।
8- जो व्यक्ति स्वप्न में कौआ देखता है उसे शीघ्र ही किसी की मृत्यु का समाचार मिलता है।
9- यदि कोई स्वयं को स्वप्न में काले कपड़े पहनकर, काले घोड़े पर सवार होकर देखता है तो किसी रोग के कारण शीघ्र ही उसकी मृत्यु हो जाती है।
10- जो व्यक्ति अपने इष्ट देवी की प्रतिमा को फूटते हुए या जलते हुए देखता है उसकी कुछ ही दिनों में मृत्यु हो जाती है।
11- यदि कोई लाल साड़ी पहनी हुई स्त्री स्वप्न में आलिंगन करे व सूखे फूलों की माला पहनाए तो उसकी मृत्यु शीघ्र ही हो जाती है।
12- जो व्यक्ति स्वप्न में स्त्री का स्तनपान करता है, उसकी मृत्यु निश्चित है।
13- यदि कोई लंबे नाखून, पीली आंख नाली निर्वस्त्र स्त्री स्वप्न में आलिंगन करे तो भी मृत्यु हो जाती है।
14- स्वप्न में यदि कोई स्वयं को पेड़ से गिरता हुआ देखता है तो रोग जनित होकर उसकी मृत्यु हो जाती है।
15- यदि कोई व्यक्ति स्वप्न में नगाड़े बते हुए स्वयं का मुंजाडन करवाता है तो शीघ्र ही उसके परिवार में किसी वृद्ध की मौत हो जाती है।



7:37 AM

क्या कुत्ते मौत को भांप लेते हैं?


हिंदू धर्म में कई शकुन-अपशकुन की मान्यताएं हैं। कुछ शकुन-अपशकुन जीव-जंतुओं से भी जुड़े हैं। ऐसा माना जाता है भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में जीव-जंतुओं को पूर्व में पता चल जाता है। कुत्ता एक ऐसा प्राणी है जो मनुष्यों के सबसे निकट है। ऐसी जनश्रुति है कि कुत्तों को प्रेत, आत्मा तथा यमदूत दिखाई देते हैं। शकुन शास्त्र में कुत्ते को शकुन रत्न कहा गया है। कुत्ते से जुड़े कुछ शकुन-अपशकुन इस प्रकार हैं-
1- यदि कुत्ता किसी बीमार व्यक्ति के हाथ को चाटता है तो वह एक सप्ताह के भीतर मर जाता है। यदि कुत्ता रोगी के मुख व नाक को चाटे तो रोगी की दस दिन में मृत्यु हो जाती है। और यदि कुत्ता रोगी के पास आकर सो जाए और उसके मुंह से लार टपके तो रोगी की मृत्यु उसी दिन हो जाती है।
2- यात्रा पर निकलते समय किसी व्यक्ति को कुत्ता अपने मुख में रोटी, पुड़ी या अन्य कोई खाद्य वस्तु खाता दिखे तो उसे धन का लाभ होता है।
3- जिस कुत्ते की पुंछ या कान कटे हो। अगर ऐसा कुत्ता किसी यात्री के समाने आ जाए तो कार्य में असफलता मिलती है।
4- यदि कुत्ता किसी के घर में बार-बार दीवार कुरेदता है तो उस घर में निश्चित रूप से चोरी होती है।
5- यात्रा पर निकलते समय यदि कुत्ता पीछे से आकर रोता है तो यात्री की मृत्यु हो सकती है।
6- यदि कुत्ता आकर किसी के पैरों को सूंघता है तो उसे शीघ्र ही यात्रा पर जाना पड़ता है।
7- कुत्ता यदि अपनी जीभ से अपने दाहिने अंग को चाटता है या खुजाता है तो ये कार्य सिद्धि की सूचना है।
8- यात्रा पर निकलते समय यदि कुत्ता जूते लेकर भाग जाए या किसी के जूते लेकर आगे आ जाए तो निश्चित रूप से धन हानि होती है।
9- किसी रोगी के समीप कुत्ता आकर अपनी पूंछ बार-बार चाटे या सूंघे तो रोगी की दो-तीन दिन में मृत्यु हो जाती है।
10- यदि कोई कुत्ता जाते हुए व्यक्ति के साथ बाईं ओर चलता है तो उसे सुंदर स्त्री व धन मिलता है। यदि दाहिनी ओर चले तो चोरी से धन हानि की सूचना देता है।

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